समाचार विवरण  
 Mail to a Friend Print Page   Share This News Rate      
Save This Listing     Stumble It          
 
Warning: getimagesize(uploaded_files/news_img/superfastnews.co.in5a61c32a36a9116938): failed to open stream: No such file or directory in /home/superfastnewsco/public_html/news_details.inc.php on line 165

 नवजात शिशु गहन चिकित्सा ईकाई से अलग बनेगी यूनिट, रहेंगे सिर्फ जच्चा-बच्चा (Fri, Jan 19th 2018 / 15:36:34)

भोपाल। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में बने नवजात शिशु गहन चिकित्सा ईकाई (एसएनसीयू) में बच्चों का दबाव कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई योजना बनाई है। अब ऐसे बच्चों के लिए एक नई यूनिट बनााई जाएगी जिन्हें इलाज की जरूरत नहीं है, पर डॉक्टरों की निगरानी में रखना जरूरी है। हर जिला अस्पताल में 10 बच्चों को भर्ती करने के लिहाज से यूनिट बनाई जा रही हैं। जहां नवजात अपनी मां के साथ रह सकेंगे। फिलहाल 10 जिला अस्पतालों में यह सुविधा शुरू की जानी है। इसमें भोपाल भी शामिल है। इंदौर के पीसी सेठी अस्पताल में यह व्यवस्था करीब छह महीने में शुरू हो जाएगी।
यहां माताएं अपने बच्चे के साथ उनके पूरी तरह से स्वस्थ रहने तक रह सकेंगी। यूनिट में सिर्फ एक केयर टेकर (काउंसलर) रहेंगी। वह मां को स्तनपान व घर में बच्चे की स्वास्थ्य देखभाल के संबंध में परामर्श देगी। बच्चे को संक्रमण न हो, इसलिए मां के हाथ धोने और कपड़े बदलने की व्यवस्था भी रहेगी।
जिला अस्पतालों में बने एसएनसीयू, पीडियाट्रिक इंसेटिव केयर यूनिट (पीआईसीयू), आईसीयू सभी को एकीकृत किया जाएगा। इस एकीकृत यूनिट की निगरानी एसएनसीयू में पूरे समय मौजूदा रहने वाले डॉक्टर करेंगे। यूनिट के बाहर इमरजेंसी में आने वाले बच्चों को देखने के लिए पूरे समय एक मेडिकल ऑफीसर की पदस्थापना की जाएगी।
इसलिए पड़ी जरूरत
जिला अस्पतालों में बने एसएनसीयू में 20 बच्चों को एक साथ भर्ती करने की सुविधा है, लेकिन कई जगह इससे ज्यादा बच्चे हो जाते हैं। ऐसे में एक वार्मर या फोटोथैरेपी मशीन पर दो-दो बच्चों को रखना पड़ता है। मेडिकल कॉलेजों के एसएनसीयू के और बुरे हाल हैं। रेफरल ज्यादा होने की वजह से एक वार्मर पर तीन-तीन बच्चों को रखा जाता है। ऐसे में एक से दूसरे का संक्रमण का खतरा रहता है। यह दबाव कम करने के लिए एसएनसीयू से जुड़ी एक नई यूनिट बनाई जा रही है।
एक जगह बड़ी स्क्रीन से होगी सभी बच्चों की निगरानी
इंटीग्रेटेड (एकीकृत) यूनिट में बच्चों की निगरानी सेंट्रल मानीटरिंग सिस्टम से की जाएगी। एनएनसीयू या फिर डॉक्टर के केबिन में एक बड़ी स्क्रीन लगाई जाएगी। इस स्क्रीन में हर बच्चे की पल्स, बीपी, ऑक्सीजन का स्तर आदि डिस्प्ले होगा। इससे डॉक्टर यह जान सकेंगे किसी बच्चे की हालत क्या है। तबीयत बिगड़ने पर फौरन इलाज शुरू किया जा सकेगा। अभी सिर्फ कुछ बड़े निजी अस्पतालों में ही यह व्यवस्था है।
यह होगा फायदा
- एसएनसीयू में एक वार्मर पर एक से ज्यादा बच्चे नहीं रहेंगे, जिससे एक से दूसरे को इंफेक्शन नहीं होगा।
- नई यूनिट में बच्चे के साथ मां भी रहेगी। इससे बच्चे की अच्छे से देखभाल व स्तनपान हो सकेगा।
- यहां पर मां को साथ रुकने के अलावा भोजन भी अस्पताल की तरफ से दिया जाएगा, जिससे परिजन अपनी मर्जी से छुट्टी करा घर नहीं जाएंगे। जच्चा-बच्चा दोनों की सही देखभाल हो सकेगी।
-एसएनसीयू में नहीं होने के बाद भी एसएनसीयू के डॉक्टर इस यूनिट में बच्चे की निगरानी करेंगे।
इनका कहना है
पहले चरण में 10 जिला अस्पतालों में इंटीग्रेटेड यूनिट तैयार करने की योजना है। इसकी शुरुआत इंदौर के पीसी सेठी अस्पताल से होगी। इस व्यवस्था से बच्चों की निगरानी बेहतर तरीके से हो सकेगी। एसएनसीयू का लोड भी कम हो सकेगा।
डॉ. मनीष सिंह डिप्टी डायरेक्टर, एनएचएम

 
  समान समाचार  
राज्य की सहायता बंद, गरीबों का मर्ज अब 'आयुष्मान' से होगा दूर
दूसरे राज्य में इलाज कराने पर भी मिल सकेगा आयुष्मान भारत योजना का
MP में कुपोषण के साथ बौनी होती नई पीढ़ी, 23 हजार बच्चों की औसत ऊंचाई कम
अब कुपोषित बच्चों के लिए भी उपलब्ध रहेगी जननी एक्सप्रेस और 108 एम्बुलेंस
नवजात शिशु गहन चिकित्सा यूनिट संचालन में एमपी बना रोल मॉडल
एमपी में जानलेवा हुआ स्वाइन फ्लू, सवा दो महीने में 44 मौतें
प्रदेश में 15 अगस्त को लांच होगी अंतरा योजना
आंगनवाड़ियों में खर्च हो रहे हैं करोड़ों, फिर भी MP के बच्चों को नहीं मिल रहा पोषण
ट्रेन में खाना खाने से पहले पढ़ लें CAG की रिपोर्ट वरना पछताना पड़ेगा, खाने का सच जानकर होश उड़ जाएंगे
ग्रामीण अस्पतालों में एक साल की सेवा का बांड तोड़ने पर डॉक्टर को देना होगा 10 लाख
गुना सहित 11 जिलों में बनेंगी ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट
तंबाकू के सेवन से मरने वालों की तादाद सबसे ज्यादा MP में, टॉप 5 में शामिल हुआ स्टेट
आज की तस्वीरें  
सभी फोटो गैलरी देखें
 
समाचार चैनल  
स्थानीय ख़बरें
राजनीति
खेल खबर
स्वास्थ्य
उद्योग-व्यापर
अपराध
योग-व्यायाम
जीवन शैली
धर्म-आस्था
राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय
रोजगार-कैरियर
मनोरंजन
न्यायालय-आदेश
अनुसंधान-प्रयोग
सरकार-शासन
गैजेट&ऑटोमोबाइल
अजब गजब
 
राज्य समाचार  
मध्य प्रदेश
 
राशिफल   
 
लाइव अपडेट  

Advertise With Us

संपकॆ करेॆ-
Bhupendra Singh
प्रधान संपादक
Super Fast News
mob.: +8819917385
             7000772733

bhupendranews11@gmail.com
अपना सन्देश लिखें:

 
 
 
 
 
होम  | राजनीति  | राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय  | सरकार-शासन  | खेल खबर  | न्यायालय-आदेश  | अपराध  | स्थानीय ख़बरें  | अनुसंधान-प्रयोग  | धर्म-आस्था  | उद्योग-व्यापर  | गैजेट&ऑटोमोबाइल  | अजब गजब  | मनोरंजन  | योग-व्यायाम  | जीवन शैली  | स्वास्थ्य  | रोजगार-कैरियर  | जम्मू और कश्मीर  | सिक्किम  | त्रिपुरा  | दमन और दीव  | बिहार  | दादरा और नगर हवेली  | दिल्ली  | पंजाब  | अंडमान एवं निकोबार  | तमिलनाडु  | आंध्र प्रदेश  | असम  | महाराष्ट्र  | मणिपुर  | पांडिचेरी  | गोवा  | मध्य प्रदेश  | छत्तीसगढ़  | हिमाचल प्रदेश  | हरयाणा  | पश्चिम बंगाल  | उड़ीसा  | झारखंड  | लक्षद्वीप  | उत्तर प्रदेश  | राजस्थान  | मेघालय  | नगालैंड  | मिजोरम  | अरुणाचल प्रदेश  | उत्तरांचल  | केरल  | कर्नाटक  | नियम एवं शर्तें  | गोपनीयता नीति  | विज्ञापन हमारे साथ  | हमसे संपर्क करें
superfastnews.co.in Copyrights 2016-2017. All rights reserved. Design & Development By MakSoft
 
Hit Counter