शिवकुमार की रिपोर्ट
नगरा(बलिया) ।स्थानीय बाजार में सार्वजनिक शौचालय की समस्या गंभीर धारण कर चुकी है। एक हजार से अधिक दुकानों वाले इस बाजार में प्रतिदिन करीब आठ से दस हजार लोग खरीदारी के लिए आते हैं जिसमें 50% महिलाएं और युवतियां हैं, लेकिन यहां एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है।नगर पंचायत बने 5 साल हो चुके हैं और महिला अध्यक्ष के नेतृत्व में 14 वार्डों में से 5 वार्डों की सभासद भी महिलाएं हैं फिर भी इस बुनियादी सुविधा की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।बाजार में आधा दर्जन बैंक, ब्लॉक कार्यालय, थाना, डिग्री कॉलेज व इंटरमीडिएट कॉलेज स्थापित है। ढाई दशक पहले बना एकमात्र शौचालय खंडहर के रूप में तब्दील हो चुका है और उस स्थान पर अब मछली मंडी लगती है। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि नगर पंचायत बनने के बाद यह समस्या हल हो जाएगी लेकिन 5 साल बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस है यह स्थित केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत मिशन की मनसा की विपरीत है जिसका उद्देश्य हर घर व सार्वजनिक स्थान पर शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराना है, विशेष रूप से बाहर से आने वाली महिलाओं और युवतियों को इस समस्या का सामना करना पड़ता है. वाराणसी गोरखपुर और लखनऊ जैसे सहरों के लिए बस आदि पकड़ने के लिए काफी संख्या में लोगों का आवा जाही रहती है फिर भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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- अभिषेक मिश्रा (सदाशिव मिश्रा ) , प्रधान सम्पादक , मो. 7317718183
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