April 19, 2026

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*भारत का प्रथम ऐतिहासिक कैलेंडर है बुद्धाब्द आंबेडकर सन (आम्बेडकराब्द)*

मऊ। भारतीय नववर्ष बुद्धाब्द 2570 आंबेडकराब्द 134 के अवसर पर महाबोधि समाज सेवा समिति एवं सम्यक समाज सेवा संस्थान द्वारा आयोजित “भारतीय कैलेंडर बुद्धाब्द 2570 आंबेडकराब्द 134 का विमोचन” एवं “दैनिक जीवन में कैलेंडरों की भूमिका एवं विज्ञान सम्मत संस्कृति “विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी तमसा वाटिका भीटी मऊ में कैलेंडर के निर्माणकर्ता डॉ.रामविलास भारती के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भदंत महाकाश्यप एवं डॉ.एम.सी.नाग द्वारा त्रिशरण पंचशील देकर एवं महापुरुषों को माल्यार्पण व भारत के संविधान की प्रस्तावना की शपथ के साथ किया गया। डॉ.रामविलास भारती द्वारा निर्मित भारतीय कैलेंडर बुद्धाब्द 2570 आंबेडकराब्द 134 का विमोचन निर्माणकर्ता एवं संस्थापक डॉ.रामविलास भारती एवं मुख्य अतिथि पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक शिवचन्द राम, सावित्री बाई फुले समिति की अध्यक्ष बिन्दु गौतम, उपाध्यक्ष सुनीता बौद्ध, कंचन प्रभा बौद्ध, डॉ.सपना भारती, राष्ट्रीय मिशन गायिका प्रीति बौद्ध, उषा भारती, रीमा गौतम, सोनाली राव, करिश्मा भारती आदि द्वारा जितेंद्र भारती, तारकेश्वर राव टंडन, रविराज बौद्ध, खण्ड शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार गौतम, रामयश योगी, पूर्व एआरटीओ बसंत राम, सुग्रीव प्रसाद, ओमप्रकाश चंद्रा, पीडी टंडन आदि की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम के आयोजक डॉ.रामविलास भारती ने सभी के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करते हुए भारतीय कैलेंडर के बारे विस्तार से बताया। और यह भी बताया कि यह कैलेण्डर चार धर्मों का एक साथ है जिसमें बौद्ध, हिन्दू, ईसाई एवं इस्लाम की तिथियों को देख सकते हैं। यह विज्ञान, खगोलीय एवं मानवता पर आधारित है। जिसमें कुछ भी शुभ अशुभ नहीं होता है। इस अवसर पर शिवचन्द राम ने कहा कि मुख्य अतिथि पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक शिवचन्द राम ने कहा कि युवा इतिहासकार डॉ.रामविलास भारती द्वारा यह निर्मित कैलेंडर भारत का प्रथम ऐतिहासिक कैलेंडर है जो विज्ञान, मानवता एवं खगोलीय घटनाओं पर आधारित है जिसमें कोई दिन शुभ अशुभ नहीं होता है। बिन्दु गौतम ने कहा कि किसी भी समाज व देश की पहचान उसकी अपनी संस्कृति से ज्यादातर होती है। भारत की संस्कृति विभिन्नता में एकता की है, जो अनेकानेक समाज की संस्कृतियों से जुड़ी होती है को चरितार्थ करता है यह कैलेंडर। जिसे अपने दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा। सुनीता बौद्ध ने कहा कि समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व , न्याय व विज्ञान में विश्वास करने वालों की अपनी संस्कृति रही है। ऐसे ही लोगों के लिए इस तरह के कैलेंडर की उपयोगिता है।
डॉ. सपना भारती ने कहा कि डॉ.रामविलास भारती द्वारा निर्मित कैलेंडर एक। दिन भारतीय समाज के लिए मिल का पत्थर साबित होगा। उषा भारती ने कहा डॉ.भारती का यह महान कार्य निश्चय की समता मूलक समाज के लिए दशा दिशा तय करेगा। प्रीति बौद्ध ने कहा कि गोल्ड मेडलिस्ट एवं राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त व समाजसेवी डॉ. रामविलास भारती द्वारा निर्मित संस्थापित भारतीय कलैंडर बुद्धाब्द 2570 आम्बेडकर सन (आम्बेडकराब्द) 134 का प्रारंभ अर्थात भारतीय नववर्ष डॉ. आंबेडकर के जन्मदिवस 14 अप्रैल से प्रारंभ होता है। कार्यक्रम का संचालन सुभाष चन्द ने किया। इस अवसर पर शिवचन्द राम, बिन्दु गौतम, सुनीता बौद्ध, कंचन प्रभा बौद्ध, डॉ.सपना भारती, प्रीति बौद्ध, उषा भारती, रीमा गौतम, सोनाली राव, करिश्मा भारती, जितेंद्र भारती, इंद्रदेव प्रसाद, तारकेश्वर राव टंडन, रविराज बौद्ध, अशोक कुमार गौतम, रामयश योगी, बसंत राम, सुग्रीव प्रसाद, सुब्बाराव भारती, भूपेंद्र वीर, रामबचन, कमलेश कुमार, जय शंकर यादव, राजेश यादव, ओंकार सत्यम, ओमप्रकाश चंद्रा, पीडी टंडन, राजेश कुमार, अरविन्द मूर्ति, मुखराम, ओमप्रकाश चन्द्रा, तपेश्वर राम, रामचन्द्र, सलमान घुसवी, शैलेन्द्र यादव, विमल कुमार, विनय कुमार, हस्तियां, डॉ.तेजभान, बाबू राम, डॉ.जय प्रकाश यादव, बुद्धिराम भारती, मनीषा, लालसा, मंजू, बदामी, सनी राव, जयनाथ निषाद, रमेश कुमार, प्रज्ञा,

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अभिषेक मिश्रा
अभिषेक मिश्रा
अभिषेक मिश्रा (सदाशिव मिश्रा ) , प्रधान सम्पादक , मो. 7317718183

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