शिवकुमार की रिपोर्ट
नगरा ब्लॉक: जनपद बलिया के सबसे बड़े ब्लॉक नगरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (CHC) की दुर्दशा ने एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्ष 2009 से संचालित इस केंद्र पर करोड़ों रुपये प्रतिमाह चिकित्सकों और कर्मचारियों के वेतन पर खर्च किए जा रहे हैं, फिर भी यह केन्द्र केवल एक ही शिफ्ट — सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक — संचालित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है: जब अस्पताल 24 घंटे नहीं खुलेगा, तो लोग प्राइवेट अस्पतालों के शोषण का शिकार होंगे। हमें मऊ जैसे दूरस्थ जनपदों का रुख करना पड़ता है, जहाँ सामान्य डिलीवरी को भी सिजेरियन बनाकर गरीबों से 40-50 हजार रुपये वसूले जाते हैं।” नगरा ब्लॉक की वर्तमान जनसंख्या लगभग 3.5 लाख है। ऐसे में CHC का एक शिफ्ट में ही संचालन होना न केवल अपर्याप्त है बल्कि गरीब, गर्भवती महिलाओं और आपातकालीन मरीजों के लिए यह स्थिति जानलेवा बन रही है। एम्बुलेंस सेवा भी लचर: स्थानीय नागरिकों ने बताया कि 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता व रखरखाव पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा। कई बार एम्बुलेंस या तो समय पर नहीं पहुंचती या खराब पड़ी रहती है। एक वरिष्ठ ग्रामीण ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा रात को दुर्घटना होने पर PHC वाले सिर्फ पट्टी बांधकर रेफर कर देते हैं। न कोई इंजेक्शन, न दवा। अगर सरकारी अस्पताल की यही हालत रही, तो गरीब आखिर जाए तो कहाँ जनता की प्रमुख मांगें: 1. CHC नगरा को तीनों शिफ्ट (24×7) में संचालित किया जाए। 2. विशेषज्ञ चिकित्सकों (सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ आदि) की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। 3. 102 व 108 एम्बुलेंस सेवा को चुस्त-दुरुस्त रखा जाए। 4. जिलाधिकारी महोदय स्वयं CHC नगरा का निरीक्षण करें। अंत में जन प्रतिनिधियों और प्रशासन से अपील: “स्वास्थ्य सेवा मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकता में है, अतः CHC नगरा को पूरी तरह 24×7 संचालन में लाकर लाखों की जनता को राहत दी जाए।”
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- अभिषेक मिश्रा (सदाशिव मिश्रा ) , प्रधान सम्पादक , मो. 7317718183
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