April 19, 2026
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*ब्यूरो चीफ*

*शुभम् कुमार बाराबंकी*

*ग्राम प्रधान की लापरवाही दे रही गम्भीर बीमारियों को नेवता*

*स्वच्छ भारत मिशन को आंख दिखाता गन्दगी का अम्बार*

बाराबंकी, यूपी सरकार बाराबंकी को दूसरा नोएडा बनाने का सपना देख रही है लेकिन भ्रष्टाचार में संलिप्त खंड विकास अधिकारी व ग्राम प्रधान सरकार के मंसूबे पर पानी फेर रही है, वहीं ग्राम पंचायतों की उदासीनता के कारण गांवों में गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। इसका अंदाजा ग्राम पंचायत बांसा से लगाया जा सकता है। यहां सड़क किनारे रोड पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इसके अलावा नालियां भी गन्दगी से भरी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कचरे के ढेर हटवाने और नालियों की साफ-सफाई के संबंध में कई बार ग्राम प्रधान-सचिवों से गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन वह इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। बांसा में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। आलम यह है कि गांव में कहीं जगह पर कचरे के ढेर लगे हैं। साथ ही नालियों की सफाई नहीं होने के कारण भरी पड़ी हैं। इसके अलावा गंदगी से उठती दुर्गंध और पनपते मच्छरों के कारण लोगों का जीना मुहाल हो रहा है, लेकिन खास बात यह है कि ग्रामीणों की लगातार शिकायत के बावजूद भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
दरअसल ग्राम पंचायत बांसा खंड विकास मसौली उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है यहां मुस्लिम समुदाय के बांसा शरीफ (दरगाह सैय्यद रज्जाक बाबा ) से प्रसिद्ध है यहां हर साल सैकड़ो की संख्या में जायरीन आते है इसलिए बाराबंकी में बांसा शरीफ मजार के आसपास अत्यधिक गंदगी से लोग बेहाल हैं। गांव में सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर पड़े रहते हैं वहीं सारी नालियां भी चोक पड़ी है। जिससे बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि तमाम शिकायतों के बावजूद प्रधान व सचिव गांव में अभियान चलाकर सफाई नहीं करवाते हैं। ग्रामीणों ने डीएम से मांग की है कि महीनें में एक बार गांव में सफाई अभियान चलाया जाए।
*नही आते है खंड विकास मसौली के अधिकारी*
ग्राम पंचायत में साफ सफाई की व्यवस्थाएं चरमराई है बात करे स्वच्छता की तो दूर दूर तक गन्दगी का अम्बार दिखेगा समुदायिक शौचालय प्रधान जी अपने घर के सामने बनाया है अब सवाल यह है कि आने वाले टूरिस्ट, जायरीन शौच के लिए कहां जाए जिसमें महिलाए और बच्चियों को खुले में स्नान और खुले में शौच जाना पड़ता है अब बात करते है कूड़ा कचरा का तो हकीकत गम्भीर हैं गांव को साफ सुथरा रखने के लिए हर पंचायत में रीसाइकिल कूड़ेदान का निर्माण कराया गया है लेकिन कूड़ेदान खुद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है जगह- जगह कूड़ा कचरा फेका जाता है नालियां कूड़े-करकट से भरी पड़ी है नालियों की बदबू से वातावरण तो दूषित है ही,अनेको बीमारियों को भी दावत दे रही है चौराहों पर दुकाने ,होटल चाट के थेले, कटी हुई सब्जियां व फल बेचने पर मजबूर है आलम यह है कि ग्राम पंचायत बांसा अब गन्दगी का घर बन गया न कोई अधिकारी आता है देखने न ही ग्राम प्रधान को किसी का खौफ। सरकार भी भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा कसने में नाकाम है

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अभिषेक मिश्रा
अभिषेक मिश्रा
अभिषेक मिश्रा (सदाशिव मिश्रा ) , प्रधान सम्पादक , मो. 7317718183

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