April 16, 2026
IMG-20251003-WA0360

शिवकुमार की रिपोर्ट

नगरा (बलिया)। प्राचीन दुर्गा मंदिर रामलीला समिति के मंच पर बृहस्पतिवार की शाम वह ऐतिहासिक क्षण जीवंत हुआ, जिसका इंतजार हजारों श्रद्धालु बड़ी उत्सुकता से कर रहे थे। जब भगवान श्रीराम ने बुराई के प्रतीक रावण का वध किया, तो पूरा मैदान “जय श्रीराम” के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। रामलीला के इस मंचन में दिखाया गया कि रावण, अहंकार और अत्याचार से भरकर, माता सीता को हरण कर लंका ले गया था। उनके उद्धार के लिए भगवान श्रीराम ने वानरराज सुग्रीव, हनुमान और विशाल वानरसेना के सहयोग से लंका पर चढ़ाई की। दोनों ओर से भयंकर युद्ध हुआ, जिसमें कुम्भकर्ण और मेघनाद जैसे पराक्रमी योद्धा श्रीराम के बाणों से धराशायी हुए। अंततः धर्म की विजय और अधर्म के अंत का प्रतीक बना वह दृश्य, जब भगवान श्रीराम ने “प्रज्ञा-बाण” चलाकर रावण का वध किया। तीर लगते ही रावण का विशाल पुतला धू-धू कर जल उठा और आसमान “राम नाम सत्य है, जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज गया। दर्शक इस अद्भुत दृश्य को देखकर मंत्रमुग्ध हो उठे और कई लोग भावनाओं से भरकर आंसू भी नहीं रोक पाए। इस दौरान आतिशबाज़ी और पटाखों ने पूरे वातावरण को दिवाली की तरह रोशन कर दिया। इस आयोजन में दिव्यांश, अमित पाठक, संकल्प पाठक, राजकुमार, रमेश पाठक,दीपू पाठक, रवि प्रकाश पाठक, उमेश पाठक और पवन पाठक सहित कई सहयोगियों ने विशेष भूमिका निभाई। रामलीला समिति के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर चेयरमैन प्रतिनिधि उमाशंकर राम , योगेन्द्र यादव , संजीव सिंह (पत्रकार)सहित अन्य अतिथियों का माल्यार्पण कर अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया। समिति के डॉ संजय बहादुर सिंह, अमित सिंह सप्पू, रितेश चौरसिया, राजकुमार गोड़ ने रामलीला की व्यवस्था में लग रहे। कि यह परंपरा हर वर्ष इसी तरह भव्य रूप में निभाई जाती है, ताकि समाज में धर्म, सत्य और मर्यादा के संदेश का प्रसार हो सके।

See also  रौजा ए गौसे आज़म व खूबसूरत लाइटों व झालरों के डेकोरेशन से नहाया मोमिन मियां चौक

Author Profile

अभिषेक मिश्रा
अभिषेक मिश्रा
अभिषेक मिश्रा (सदाशिव मिश्रा ) , प्रधान सम्पादक , मो. 7317718183

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *