April 18, 2026

अशोक सिंह की रिपोर्ट

भ्रष्टाचार में डूबी मेहनगर तहसील

स्थानीय तहसील मेहनगर में दिए गए प्रार्थना पत्रों का कोई निस्तारण नहीं किया जा रहा है ।बल्कि उसे रद्दी टोकरी में फेंक दिया जा रहा है। चाहे वह तहसील दिवस का प्रार्थना पत्र हो चाहे वह जिले से आया हुआ प्रार्थना पत्र हो इसमें किसी भी प्रार्थना पत्र का कोई निस्तारण नहीं किया जा रहा है जिसके चलते प्रार्थना पत्र देने वाले मायूस हो रहे हैं और सरकार की मंशा से मोह भंग हो रहा है प्रार्थना पत्र देने वाला किसान हार थक कर माननीय मुख्यमंत्री महोदय को माननीय राजस्व मंत्री महोदय को प्रार्थना पत्र पोर्टल पर देता है वहां से पुनः सुनवाई हेतु जिला अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है जिला अधिकारी महोदय तहसील प्रशासन को अग्रसारित कर देते हैं इसके बावजूद भी उसका कोई निस्तारण नहीं हो पा रहा है सबसे बड़ी बात तो यह है की प्रार्थना पत्र देने वाले को पता ही नहीं चलता है और मेहनगर के कर्मचारी अधिकारी मनमाने तरीके से कागजों का निस्तारण कर देते हैं और सरकार को मंशा के अनुरूप निस्तारण दिखाते हैं जबकि हकीकत यह है कि याचीको को कुछ भी पता नहीं चलता और निस्तारण कागजों में कर दिया जाता है जिसे लेकर किसानों में छोभ व्याप्त है इसके बाबत तमाम किसानों ने पुनः मुख्यमंत्री बाबा योगी आदित्यनाथ को प्रार्थना पत्र देकर मांग किया है कि अधिकारी कर्मचारी मौके की जांच कर प्रार्थना पत्रों का निस्तारण कर सरकार की मंशा के विपरीत अधिकारी कर्मचारी काम कर रहे हैं जिससे जनता का सरकार से भरोसा उठ गया है किसानों ने पुनः बाबा योगी आदित्यनाथ का ध्यान उक्त अधिकारी कर्मचारियों पर आकर्षित किया है

See also  परिवहन विभाग के निर्माणाधीन बिल्डिंग और बाउंड्री में पुराने ईट और दोमें ईट का हो रहा इस्तेमाल

Author Profile

अभिषेक मिश्रा
अभिषेक मिश्रा
अभिषेक मिश्रा (सदाशिव मिश्रा ) , प्रधान सम्पादक , मो. 7317718183

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *