April 20, 2026
IMG-20250502-WA0015

अरविंद कुमार पांडे की रिपोर्ट

वेदांता हास्पिटल एक विश्वसनीय संस्था है और सदैव मानव मूल्यों की रक्षा करने को कटिबद्ध हैं डाo शिशिर जायसवाल।

आजमगढ़ । विगत कई वर्षों से किन्हीं ना किन्हीं कारणों से लगातार चर्चा में बने रहने वाले जनपद के वेदांता हास्पिटल द्वारा हाल ही में एक मरीज़ और उसके परिजनों द्वारा गंभीर आरोप लगाया इन आरोपों के चलते जनपद में हॉस्पिटल के संदर्भ में कई चर्चाएं रही। आरोपों से उठे सवाल के बाद वेदांता हॉस्पिटल प्रबंधन ने अपनी बात एक प्रेस वार्ता के दौरान कही और सभी आरोपों को नकारते हुए अपनी बात क्रमवार रखी और उनके साक्ष्य प्रस्तुत किए और कहा कि हम लगातार मानव सेवा की प्राथमिकता के साथ साथ अपने आदर्श वैज्ञानिक अब्दुल कलाम के सपनों को पूरा करने में विश्वास रखते है। हमारा संस्थान कठिन से कठिन आपरेशनों को करके मानव जीवन की रक्षा का कार्य कर रहा है, और आगे भी करता रहेगा । हमारे हास्पिटल में आये मरीज का पहले उपचार को प्राथमिकता दी जाती है। उक्त बातें वेंदाता हास्पिटल के निदेशक डा शिशिर जायसवाल ने हास्पिटल के सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कहीं ।

चिरैयाकोट के मृत मरीज के परिजनों द्वारा हास्पिटल परिसर में मचाये गये उत्पात और दुर्व्यवहार के आरोपों के प्रकरण में मीडिया बंधुओं को जबाव देते हुए डा शिशिर जायसवाल ने आगे कहा कि साक्ष्य के तौर पर घटना का वीडियो साक्ष्य के रूप में उपलब्ध हैं। आपरेशन आदि का पैसा न देना पड़े, इसलिए आपसी सांठ-गांठ करके सोची समझी साजिश के तहत ऐसा माहौल खड़ा कर संस्था को बदनाम किया गया। मरीज का तमाम वीडियो मेरे पास साक्ष्य के रूप में सुरक्षित है, साथ ही एम्बुलेंस में भी मरीज जीवित था। हास्पिटल की व्यवस्था बेहद सरल है और हम प्रशासन पर भरोसा रखते है इसी का फायदा उठाते हुए लोग हास्पिटल को आये दिन बदनाम कर क्षति पहुंचाते रहे है। अगर हमारे गुणवत्ता पर कोई किसी को संदेह है तो वह हास्पिटल का विधिक जांच करा सकता है, हर जांच का हम जबाव देंगे और प्रत्येक मानकों पर खरे उतरेंगे लेकिन एक बड़े ब्रांड वाले हास्पिटल के बारे में अर्नगल बातें करके लोग सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का काम कर रहे है, यह समाज के लिए अच्छा नहींं है। हमारे लेडीज स्टाफ आदि के साथ उन युवकों द्वारा दुर्व्यवहार किया गया है, हम हास्पिटल में अकेले ही चलते है और पूरे परिसर में ना कोई बाउंसर है और ना कोई हथियार भी होगा लेकिन मारपीट आदि आरोप झूठा लगाया गया वह सभी बेबुनियाद है। उन्होंने आगे कहाकि न्यूरो का एक आपरेशन 3 से 4 घंटे का होता है और छोटे से छोटा आपरेशन भी 2 से ढाई घंटे में होता हैं ।ऐसे में हमारे पास किसी के गलत आरोपों का जवाब देने का समय नहीं है हम अपना समय मानव जीवन की रक्षा करने में लगाना जरूरी समझते है।

See also  गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के फैले मकड़जालों पर अंकुश लगाना सलोन के शिक्षा विभाग के लिये बना चुनौती*

एक प्रकरण की चर्चा करते हुए डा जायसवाल ने बताया कि लोक गायिका उजाला यादव का कोई परिचित हमारे यहां भर्ती था उसका उपचार आयुष्मान से हुआ उससे एक रूपया भी अस्पताल ने नहीं लिया और वह हमारे यहाँ से पांचवें दिन जब डिस्चार्ज हुआ तो वह हास्पिटल से खुद से चलकर गाड़ी में बैठा जिसका साक्ष्य वीडियो के रूप में उपलब्ध है फिर यहाँ से अन्यत्र कहीं गया फिर उसके छठे दिन अन्यत्र किसी अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हुई ।

लेकिन उन लोगों द्वारा हमारे हास्पिटल का नाम जोड़ दिया गया। मैं ऐसे किसी भी गलत व्यक्तियों के प्रति जबावदेह नहीं हूं। हमारे यहाँ मेडिको लीगल की केश सबसे ज़्यादा संख्या में आती है जैसे गनशॉट इंजरी के मामले प्वाजनिंग के मरीज़ ,हैंगिंग, मार धाड़ के तमाम केश आते है और उनके उपचार में प्रशासन से भी हमें भरपूर सहयोग मिलता रहता है क्योंकि हमारे हास्पिटल का रिजल्ट अच्छा है हमने लोगों की जान बचाई हैं। तीन-तीन गोलियों के बाद भी हमने घायलों की जान बचाई है और आपरेशन के तीन दिन बाद पैसा लिया है। हमारे पास जो केस आता है वह गंभीर होता है उनके साथ जो लोग आते वह आक्रोशित होते है और बेवजह हमारे हास्पिटल का नाम बदनाम हो जाता है।

कोविड में भी हमने लगभग 3 हजार लोगों का उपचार किया, जिसमे कुछ लोग नहीं बच पाए तो कुछ लोगों की जान बचाई भी गई । ऐसे आपातकालीन समय में सेवा देना क्या यह मानव धर्म का कार्य नहीं है, उन्होंने कहाकि कुछ लोगों की मानसिकता हम कभी बदल नहीं सकते, हम मरीजों की जान बचाने में समय खर्च करना चाहते है न कि थाना कोतवाली करने में अपना समय जाया करना चाहते है।

See also  जनपद मीरजापुर में जय हो इंफ़्रा प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी के दो वर्ष पूर्ण होने पर सम्मान समारोह का आयोजन नगर के जंगीरोड स्थित एक होटल त्रिलोक में धूमधाम से किया गया।

Author Profile

अभिषेक मिश्रा
अभिषेक मिश्रा
अभिषेक मिश्रा (सदाशिव मिश्रा ) , प्रधान सम्पादक , मो. 7317718183

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *